इस बार का विश्व कप कई मायनों में खास रहा। फीफा ने बड़े पैमाने पर यह आयोजन किया, जिसमें 104 मैच खेले गए और कई मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन अंततः यह खेल 22 खिलाड़ियों और एक गेंद पर ही निर्भर रहा। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही विवादों ने जन्म लिया, जिसमें टिकटों की बढ़ती कीमतें और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं शामिल थीं। कई उलटफेर हुए, जिसने स्थापित टीमों को चौंका दिया। अब अर्जेंटीना और स्पेन के बीच फाइनल मुकाबला है, जहां देखना दिलचस्प होगा कि कौन विजेता बनकर उभरता है। यह विश्व कप दिखा रहा है कि दिखावे की तुलना में खेल का सार अधिक महत्वपूर्ण है। इस पूरे महीने शोर और भव्यता के बीच, खेल की असली भावना जीवित रही।