अर्जेंटीना की राष्ट्रपति भवन, ‘कासा रोसादा’, ने विदेश मंत्रालय से सलाह ली है कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना वाणिज्य दूतावासों (consulates) में नियुक्तियां कैसे की जा सकती हैं। यह कदम राष्ट्रपति के प्रवक्ता एडोर्नी की नियुक्ति को लेकर अटकलों के बीच उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार, मियामी और बार्सिलोना जैसे शहरों में वाणिज्य दूतावासों में नियुक्तियों पर विचार किया जा रहा है। सरकार कांग्रेस से संभावित टकराव से बचने के लिए इस विकल्प पर विचार कर रही है। इस रणनीति से नियुक्तियों की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकती है, लेकिन यह विपक्षी दलों के विरोध का कारण भी बन सकती है। फिलहाल, इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। यह कदम अर्जेंटीना की विदेश नीति और राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।