यह लेख, जूलियो अगुइलर द्वारा लिखित, ‘लिमा ग्रिस’ में प्रकाशित हुआ है। यह अरेखिपा के एक व्यक्ति की कहानी बताता है जिसकी तुलना फ्रांसीसी लेखक गुस्ताव फ्लाउबर्ट से की जाती है। कॉलम अरेखिपा के साहित्यिक परिदृश्य पर प्रकाश डालता है और वहाँ के एक विशिष्ट व्यक्ति की प्रतिभा को उजागर करता है। यह लेख फ्लाउबर्ट के लेखन शैली और अरेखिपा के इस व्यक्तित्व के बीच समानताएँ तलाशता है। यह पेरू के क्षेत्रीय साहित्य में रुचि रखने वालों के लिए एक आकर्षक अंश है। पाठकों को अरेखिपा के साहित्यिक योगदान और इस अनोखे तुलना के बारे में जानने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह सांस्कृतिक और साहित्यिक अन्वेषण का एक छोटा सा हिस्सा है।