अलास्का के 400 से अधिक द्वीपों पर फर के लिए लाई गई आर्कटिक लोमड़ियों का पारिस्थितिकी तंत्र पर अप्रत्याशित प्रभाव पड़ा। इन लोमड़ियों ने समुद्री पक्षियों का शिकार करके समुद्र से भूमि तक पोषक तत्वों से भरपूर गुआनो के प्रवाह को कम कर दिया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन द्वीपों पर लोमड़ियाँ नहीं थीं, वहां समुद्री पक्षियों की संख्या अधिक थी, मिट्टी अधिक उपजाऊ थी और घास बहुत अधिक थी। जबकि, लोमड़ियों से प्रभावित द्वीपों में झाड़ियाँ और औषधीय पौधे पनपने लगे। इस परिवर्तन ने घास भूमि को टundra जैसे वातावरण में बदल दिया। यह अध्ययन बताता है कि किसी प्रजाति को एक पारिस्थितिकी तंत्र में लाने से कैसे अप्रत्याशित और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। यह एक शिकारी-शिकार संबंध का एक स्पष्ट उदाहरण है जो पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को बदल सकता है।