प्रसिद्ध वास्तु इतिहासकार रोस्तिस्लाव श्वाचा ओस्ट्रावा में 125वीं वर्षगांठ प्रदर्शनी के लिए आए हैं। श्वाचा, जिन्होंने 1980 के दशक में ही ओस्ट्रावा के औद्योगिक केंद्रों को बचाने की कोशिश की थी, शहर के इतिहास पर अपने विचार साझा कर रहे हैं। वे मानते हैं कि केवल गगनचुंबी इमारतों से शहर को नहीं बचाया जा सकता। उनका कहना है कि शहर की ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण अधिक महत्वपूर्ण है। श्वाचा की यह टिप्पणी 'ओस्ट्रावा के निशान' नामक एक श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें शहर के इतिहास और वास्तुकला पर प्रकाश डाला गया है। यह प्रदर्शनी ओस्ट्रावा की विरासत के महत्व को रेखांकित करती है। श्वाचा के विचारों से शहर के विकास और संरक्षण पर बहस छिड़ सकती है।