प्रसिद्ध अभिनेत्री आन्या टेलर-जॉय ने अभिनय और विशेष रूप से महिलाओं के लिए 'मेथड एक्टिंग' के उपयोग पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि अभिनेत्रियों को अक्सर अपनी भूमिकाओं में गहराई से उतरने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, खासकर तब जब भूमिकाएँ नकारात्मक हों। आन्या का मानना है कि अभिनेताओं को अनावश्यक रूप से 'बुरा' बनने में अधिक समय नहीं लगाना चाहिए। उनका तर्क है कि महिलाओं के लिए किसी किरदार की नकारात्मकता में पूरी तरह से डूब जाना हानिकारक हो सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभिनेत्रियों को अपनी मानसिक और भावनात्मक सेहत का ध्यान रखना चाहिए। आन्या का दृष्टिकोण अभिनय में एक स्वस्थ संतुलन बनाए रखने और अभिनेत्रियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालता है।