एक नए अध्ययन में पाया गया है कि चिंता से ग्रस्त लोगों के मस्तिष्क में कोलीन नामक एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व का स्तर कम होता है। कोलीन स्मृति और अन्य संज्ञानात्मक कार्यों के लिए आवश्यक है। ‘मॉलिक्यूलर साइकियाट्री’ में प्रकाशित इस शोध से पता चलता है कि चिंता मस्तिष्क में कोलीन के स्तर को प्रभावित कर सकती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज चिंता विकारों के इलाज के नए तरीकों को विकसित करने में मदद कर सकती है। कोलीन की कमी से स्मृति हानि और अन्य संज्ञानात्मक समस्याएं हो सकती हैं। इस अध्ययन में शामिल वैज्ञानिकों ने आगे की जांच के लिए इस संबंध में और शोध करने की आवश्यकता पर बल दिया है। यह निष्कर्ष मानसिक स्वास्थ्य और पोषण के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध को उजागर करता है।
