जाने-माने फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने भारतीय सिनेमाघरों में स्क्रीन स्पेस के वितरण में पूर्वाग्रह की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने हाल ही में प्रदर्शित फिल्म ‘ओब्सेशन’ के प्रभुत्व का उल्लेख करते हुए, अन्य फिल्मों को मिलने वाले अवसरों की कमी पर चिंता व्यक्त की। कश्यप का कहना है कि कुछ फिल्मों को अधिक स्क्रीन और शो टाइम मिलने से, अन्य गुणवत्तापूर्ण फिल्में दर्शकों तक पहुंचने में संघर्ष कर रही हैं। यह मुद्दा फिल्म उद्योग में चल रही बहस का हिस्सा है, जहां छोटे बजट की और स्वतंत्र फिल्मों को बड़े स्टूडियो की फिल्मों से प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई होती है। कश्यप ने इस स्थिति को लेकर निराशा व्यक्त की है और फिल्म प्रदर्शन में निष्पक्षता की आवश्यकता पर बल दिया है। उनका मानना है कि सभी फिल्मों को दर्शकों तक पहुंचने का समान अवसर मिलना चाहिए। इस टिप्पणी ने फिल्म उद्योग में चर्चा छेड़ दी है, जिसमें कई लोगों ने कश्यप के विचारों का समर्थन किया है।