वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिका के तट पर समुद्री बर्फ की भारी कमी दर्ज की है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि इस साल सर्दियों में फ्रांस के आकार जितनी बर्फ नहीं जमी। यह घटना वैश्विक तापमान में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों को दर्शाती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, समुद्री बर्फ का यह हिस्सा आमतौर पर हर साल बनता है, लेकिन इस बार यह गायब रहा। बर्फ की यह कमी समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और वैश्विक मौसम चक्र को प्रभावित कर सकती है। वैज्ञानिक इस असामान्य बदलाव के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं। यह खोज ध्रुवीय क्षेत्रों में तेजी से हो रहे पर्यावरणीय क्षरण की चेतावनी देती है।