अंटार्कटिका प्रायद्वीप में जून महीने के तापमान ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। कई अनुसंधान केंद्रों ने उच्च तापमान और तीव्र बर्फ पिघलने की सूचना दी है, जो अंटार्कटिक सर्दियों के बीच चिंताजनक है। यह जानकारी Phys ने AFP के हवाले से दी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्थिति जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। तीव्र बर्फ पिघलने से समुद्र का जलस्तर बढ़ सकता है, जिसका वैश्विक प्रभाव पड़ेगा। शोधकर्ताओं ने इस स्थिति पर तत्काल ध्यान देने और उत्सर्जन को कम करने की आवश्यकता पर बल दिया है। यह घटना अंटार्कटिका के पर्यावरण और वैश्विक जलवायु प्रणाली के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।