एंडी बर्नहैम की सरकार के गठन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है, और उनकी कैबिनेट का आकार लिया जा रहा है। हालांकि, ब्रिटिश राजनीतिज्ञ नाइजेल फ़राज ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि बर्नहैम को किसी भी तरह के जनादेश (मैंडेट) के बिना ही सत्ता मिल रही है। फ़राज ने इस प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह जताया है। यह बयान राजनीतिक हलचल पैदा कर सकता है, क्योंकि विपक्षी दल बर्नहैम की नियुक्ति को चुनौती दे सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि बर्नहैम अपनी कैबिनेट में किन लोगों को शामिल करते हैं और फ़राज के आरोपों का जवाब कैसे देते हैं। इस घटनाक्रम से ब्रिटेन की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।