प्राचीन यहूदी धर्मग्रंथों में मसीहा की अवधारणा महत्वपूर्ण है, जो मानव जाति के उद्धारकर्ता के रूप में वर्णित है। ईसाई धर्म में, यीशु को मसीहा माना जाता है। हालाँकि, बाइबिल के अनुसार, यीशु से पहले भी एक ऐसा शासक था जिसे मसीहा के रूप में देखा गया था। यह शासक थे फ़ारसी राजा साइरस महान, जिन्हें प्राचीन यहूदियों ने मुक्तिदाता के रूप में स्वीकार किया। साइरस ने बाबुल के साम्राज्य को पराजित कर यहूदियों को बंदी जीवन से मुक्त कराया और उनके मंदिर के पुनर्निर्माण में सहायता की। इस कारण से, उन्हें यहूदियों द्वारा एक अद्वितीय सम्मान प्राप्त हुआ, और उन्हें 'विदेशी मसीहा' के रूप में मान्यता मिली। यह घटना दर्शाती है कि मसीहा की अवधारणा समय के साथ विकसित हुई है और विभिन्न ऐतिहासिक संदर्भों में अलग-अलग अर्थ रखती है।