मलेशिया के सरवाक राज्य सरकार ने 16वीं सदी की एक ऐतिहासिक पांडुलिपि को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए नामांकित किया है। यह पांडुलिपि, जिसका शीर्षक “श्री सुल्तान और सुल्तान तेंगह का एक पर्वत पर साहसिक कार्य” है, सुल्तान तेंगह द्वारा लिखी गई मानी जाती है। सुल्तान तेंगह को 1599 में सरवाक का सुल्तान नियुक्त किया गया था। यह पांडुलिपि सरवाक के इतिहास और संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। यूनेस्को में नामांकन से इस पांडुलिपि के संरक्षण और वैश्विक स्तर पर इसकी मान्यता में मदद मिलेगी। सरवाक सरकार इस नामांकन को लेकर आशावादी है और पांडुलिपि के महत्व को उजागर करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पांडुलिपि स्थानीय साहित्य और इतिहास के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है।