मिस्र के अलेक्जेंड्रिया में जन्मे फिलो, ईसा मसीह के समकालीन एक महत्वपूर्ण दार्शनिक थे। वे लगभग 20 ईसा पूर्व से 50 ईस्वी तक जीवित रहे। फिलो एक यूनानी-यहूदी विचारक थे जिन्होंने यूनानी दर्शन को यहूदी परंपरा के साथ जोड़ा। उनकी विचारधारा का प्रभाव ईसाई धर्म और यहूदी धर्म दोनों पर पड़ा। अलेक्जेंड्रिया, जहां उनका जन्म हुआ, यूनानी संस्कृति, यहूदी परंपरा और रोमन शासन का एक महत्वपूर्ण केंद्र था। फिलो ने इन तीनों संस्कृतियों के बीच एक बौद्धिक सेतु का निर्माण किया। उनकी रचनाएँ प्राचीन विश्व के विचारों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वे दर्शनशास्त्र के इतिहास में एक अद्वितीय स्थान रखते हैं।