क्रोएशिया के इस्त्रिया प्रायद्वीप में एक प्राचीन स्थल पर उत्खनन के दौरान पांचवीं सदी का एक ईसाई मोज़ेक उजागर हुआ है। इस मोज़ेक में ज्यामितीय और वनस्पति अलंकरणों के साथ-साथ एक शिलालेख भी शामिल है। शिलालेख में एक दंपत्ति ने खुद को "महान पापी" बताते हुए इस स्थान के निर्माण में दान किया है। यह असामान्य स्व-घोषणा शोधकर्ताओं के बीच जिज्ञासा पैदा करती है। मोज़ेक की खोज क्षेत्र की प्रारंभिक ईसाई कला और इतिहास पर प्रकाश डालती है। पुरातात्विक टीम इस स्थल की आगे जांच कर रही है ताकि मोज़ेक और इसके दाता के बारे में अधिक जानकारी मिल सके। इस खोज से क्रोएशिया के सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने की उम्मीद है।