प्राचीन ग्रीस में, आधुनिक युग से सदियों पहले, नशीले पदार्थों का धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता था। हाल के शोध से पता चलता है कि एलुसिनियन मिस्ट्रीज़ जैसे प्राचीन अनुष्ठानों में चेतना बदलने वाले पदार्थों का प्रयोग किया जाता था। ये पदार्थ, जो प्राकृतिक या कृत्रिम हो सकते थे, वास्तविकता और संवेदी धारणा को बदल देते थे। इतिहासकारों का मानना है कि इन पदार्थों का उपयोग धार्मिक अनुभव को गहन करने और देवताओं के साथ संवाद स्थापित करने के लिए किया जाता था। एलुसिनियन मिस्ट्रीज़, जो कृषि और उर्वरता की देवी डेमेटर और उनकी बेटी पर्सफोन को समर्पित थे, विशेष रूप से गुप्त और प्रभावशाली थे। इस खोज से प्राचीन धार्मिक प्रथाओं और मानव चेतना के अध्ययन में नई अंतर्दृष्टि मिलती है। यह भी संकेत मिलता है कि नशीले पदार्थों का उपयोग केवल आधुनिक समय का नहीं, बल्कि मानव इतिहास का एक अभिन्न अंग रहा है।