मिस्र के उम्म एल-क़ाब स्थित शाही कब्रिस्तान में मिली अवशेषों के अध्ययन से पता चला है कि प्राचीन मिस्र के राजाओं की सेवा करने वाले सेवकों और कारीगरों का बलिदान किया गया था। यह शोध प्राचीन मिस्रशास्त्रियों के एक सिद्धांत की पुष्टि करता है, जिसमें राजा की मृत्यु के बाद उनके सेवकों की हत्या कर दी जाती थी। उम्म एल-क़ाब, अबीदोस के पास स्थित है, जहाँ मिस्र के पहले राजवंश के शासकों के मकबरे और घेरे पाए गए हैं, जो लगभग 3000 ईसा पूर्व के हैं। खोपड़ी पर मिली दरारें इस बात का संकेत देती हैं कि यह क्रूर प्रथा अस्तित्व में थी। इस खोज से प्राचीन मिस्र के शाही जीवन और रीति-रिवाजों पर प्रकाश पड़ता है। आगे की जांच से इस बलिदान की प्रथा के बारे में और जानकारी मिल सकती है।