एक नए अध्ययन के अनुसार, लगभग 80 करोड़ साल पहले मुख्य क्षुद्रग्रह बेल्ट में एक विशाल क्षुद्रग्रह का टूटना पृथ्वी, चंद्रमा और मंगल पर लंबे समय तक प्रभावों का कारण बन सकता है। शोधकर्ताओं ने इस घटना को यूलालिया क्षुद्रग्रह परिवार से जोड़ा है और उनका मानना है कि यह प्राचीन चंद्र गड्ढों की व्याख्या कर सकता है। ये प्रभाव पृथ्वी पर बड़े जलवायु और जैविक परिवर्तनों के साथ मेल खाते हैं, लेकिन अध्ययन यह साबित नहीं करता है कि ये परिवर्तन प्रभावों के कारण हुए थे। यह शोध क्षुद्रग्रहों के प्रभाव और ग्रहों की सतह पर उनके संभावित परिणामों को समझने में मदद करता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यूलालिया परिवार के क्षुद्रग्रहों के टुकड़े आज भी सौर मंडल में मौजूद हैं और कभी-कभी पृथ्वी के पास से गुजरते हैं। इस खोज से यह समझने में मदद मिलेगी कि शुरुआती पृथ्वी और अन्य ग्रहों का विकास कैसे हुआ। आगे के अध्ययन से इस पर और प्रकाश पड़ने की उम्मीद है।