हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि उत्तरी यूरोप में पाए गए पांच हज़ार वर्ष पुराने चेहरे वाले बर्तन और युद्ध कुल्हाड़ियां स्थानीय निर्माण नहीं थीं। डेनिश जर्नल ऑफ़ आर्कियोलॉजी में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, ये वस्तुएं ईसा पूर्व चौथी सहस्राब्दी की हैं और पूरे यूरोप में फैली एक व्यापक सांस्कृतिक गतिविधि का हिस्सा थीं। पहले इन वस्तुओं को स्थानीय कलाकृतियों के रूप में खारिज कर दिया गया था, लेकिन नए विश्लेषण से पता चलता है कि ये विभिन्न समाजों को आपस में जोड़ने वाले सांस्कृतिक नेटवर्क का प्रमाण हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि ये खोजें यूरोप के प्रागैतिहासिक काल में सांस्कृतिक आदान-प्रदान और संपर्क के नए आयाम खोल सकती हैं। इस अध्ययन से यूरोप के प्राचीन इतिहास को समझने में मदद मिलेगी और यह साबित होता है कि प्राचीन समाज आपस में जुड़े हुए थे। आगे की जांच से इस सांस्कृतिक आंदोलन के कारणों और प्रभावों पर प्रकाश पड़ने की उम्मीद है।