अनुभवी इतालवी कोच कार्लो एंसेलोटी, जो पहली बार विश्व कप में कोच के रूप में मैदान में उतरेंगे, ने मोरक्को के खिलाफ पहले मैच से पहले अपनी रणनीति साझा की है। उन्होंने कहा कि डर का होना स्वाभाविक है और यह महत्वपूर्ण है। एंसेलोटी के अनुसार, डर की भावना खिलाड़ियों को सतर्क रखती है और संभावित खतरों का आकलन करने में मदद करती है। उन्होंने इसे एक उदाहरण से समझाया: यदि आपके अंदर डर नहीं है, तो एक शेर भी आपको बिल्ली जैसा लगेगा। यह बयान उनकी टीम को मोरक्को के खिलाफ मुकाबले के लिए तैयार रहने की मानसिकता को दर्शाता है। एंसेलोटी का मानना है कि प्रतिद्वंद्वी को कम आंकना खतरनाक हो सकता है, इसलिए सतर्कता बरतना आवश्यक है। उनकी यह ‘डर’ की रणनीति विश्व कप में सफलता की कुंजी हो सकती है।
