एक विश्लेषक, युसरी इब्राहिम के अनुसार, यदि उम्नो और पास के बीच गठबंधन फिर से स्थापित होता है, तो उम्नो को पास के अधीन रहना पड़ सकता है। दोनों पार्टियाँ समान मतदाता वर्ग को लक्षित करती हैं, लेकिन वर्तमान में मलय मतदाताओं के बीच उम्नो की लोकप्रियता पास से बहुत कम है। इब्राहिम का कहना है कि पास ने मलय समुदाय में मजबूत पकड़ बना ली है, जबकि उम्नो अपनी स्थिति खो रहा है। इस स्थिति में, गठबंधन होने पर उम्नो को पास की शर्तों पर काम करना होगा। विश्लेषक का मानना है कि उम्नो को अपनी खोई हुई लोकप्रियता वापस पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। यह गठबंधन दोनों पार्टियों के लिए चुनौतियां और अवसर लेकर आएगा, लेकिन उम्नो को अपनी भूमिका को लेकर सतर्क रहना होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान अब इस बात पर है कि क्या उम्नो इस नई परिस्थिति में खुद को समायोजित कर पाएगा।