एम्स्टर्डम की मेयर फेमके हल्सेमा ने कोरोना वायरस जांच में कहा है कि सरकार ने दमनकारी उपायों पर बहुत अधिक जोर दिया। उनका मानना है कि लॉकडाउन के दौरान उठाए गए कुछ कदम “अस्वीकार्य” थे और इनसे नागरिकों की स्वतंत्रता का हनन हुआ। हल्सेमा ने बताया कि सरकार को प्रतिबंधों के विकल्प तलाशने चाहिए थे, जैसे कि लोगों को शिक्षित करना और उन्हें प्रोत्साहित करना। उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन के दौरान पुलिस की भूमिका बहुत अधिक आक्रामक थी। मेयर ने स्वीकार किया कि महामारी एक गंभीर संकट था, लेकिन उनका मानना है कि सरकार की प्रतिक्रिया अनुपातहीन थी। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि नीदरलैंड्स ने महामारी से कैसे निपटा और भविष्य के लिए क्या सबक सीखे जा सकते हैं। हल्सेमा के बयान इस बहस को फिर से हवा दे सकते हैं कि क्या लॉकडाउन आवश्यक थे और क्या उनके विकल्प मौजूद थे।
