‘बैन सिनेमाइयात’ नामक एक फिल्म कारवां (قافला) जल्द ही अपनी स्थापना के बीस वर्ष पूरे करने वाला है। मिस्र के ‘मादा मस्र’ (Mada Masr) के अनुसार, इस कारवां के बारे में अमाल रामसिस ने टिप्पणी की है कि जब कोई अकेला होता है, तो विचारों का प्रवाह धीमा हो जाता है। यह कारवां स्वतंत्र और प्रायोगिक सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। रामसिस का यह बयान कारवां के लंबे सफर और इसके दौरान आने वाली चुनौतियों की ओर इशारा करता है। ‘बैन सिनेमाइयात’ ने मिस्र के फिल्म उद्योग में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है, खासकर उन फिल्म निर्माताओं के लिए जो मुख्यधारा से अलग हटकर काम करते हैं। यह कारवां फिल्म निर्माण और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करता रहा है। इसकी दो दशकों की यात्रा रचनात्मकता और दृढ़ता का प्रतीक है।
