बुवोग मामले की न्यायाधीश के प्रति निष्पक्षता पर सवाल उठाने के लिए दस्तावेज़ पेश किए गए थे। ग्रासर के वकीलों ने इन दस्तावेज़ों के आधार पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि ये दस्तावेज़ जाली हो सकते हैं। यह मामला न्यायाधीश पर झूठे आरोप लगाने की कोशिश से जुड़ा है। वकीलों का कहना है कि उन्होंने किसी भी तरह से जाली दस्तावेज़ बनाने या भड़काने का काम नहीं किया है। इस मामले ने कानूनी हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि यह न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियां अब इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच कर रही हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह ग्रासर मामले की कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है।