कुमानजयी लिटिल बेबी की कथित हत्या को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन एलिस स्प्रिंग्स के सामुदायिक नेताओं का कहना है कि सरकार की प्रतिक्रिया अपर्याप्त रही है। वे केंद्र और क्षेत्रीय सरकारों द्वारा किए जा रहे खर्चों की समीक्षा की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि इन खर्चों का आदिवासी समुदायों की जीवन स्थितियों और सुरक्षा में सुधार लाने में अपेक्षित प्रभाव नहीं दिख रहा है। नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि धन के उपयोग का एक विस्तृत ऑडिट आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संसाधन प्रभावी ढंग से आवंटित किए जा रहे हैं। वे पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह मामला आदिवासी समुदायों में व्याप्त सामाजिक और आर्थिक असमानताओं पर प्रकाश डालता है। सरकार पर इन मुद्दों को गंभीरता से लेने और ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ रहा है।