1986 के मैक्सिको विश्व कप में अल्जीरिया का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। अब, 40 साल बाद, टीम के एक पूर्व सदस्य, मुरद अमारा ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अमारा, जो उस समय टीम के तीसरे गोलकीपर थे, ने दावा किया है कि कुछ खिलाड़ी चोटिल होने के बावजूद खेलने के लिए मजबूर किए गए थे। उन्होंने टीम के भीतर के माहौल और खिलाड़ियों पर दबाव के बारे में जानकारी दी है। यह खुलासा अल्जीरियाई फुटबॉल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। अमारा के इन बयानों से 1986 विश्व कप में टीम की विफलता के कारणों पर नई रोशनी पड़ने की संभावना है। यह मामला अल्जीरियाई खेल जगत में बहस का विषय बन गया है।