पूर्व अल्जीरियाई राजनयिक और विपक्षी नेता मोहम्मद अरबी ज़ितौत ने अल्जीरिया और मोरक्को के बीच तनाव के पीछे की वजह व्यक्तिगत द्वेष को बताया है। उनका कहना है कि यह द्वेष अल्जीरियाई सेना के प्रमुख, सईद शेंघरीहा का है। शेंघरीहा को 1976 में 'अम्गाला प्रथम' की लड़ाई के दौरान मोरक्को की सेना ने बंदी बना लिया था। ज़ितौत, जो 'रشاد' आंदोलन के संस्थापक भी हैं, का मानना है कि शेंघरीहा की यह पुरानी घटना वर्तमान तनाव का मुख्य कारण है। उन्होंने इस मामले में व्यक्तिगत भावनाओं को राजनीतिक गतिरोध का स्रोत बताया है। इस विवाद से दोनों देशों के संबंधों में गंभीर खटास आई है और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा है। ज़ितौत ने इस मामले में आगे जांच और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।