सिकंदर महान की सेना में घुड़सवार सेना का महत्वपूर्ण योगदान था, जिसमें 'हेटेरोई' नामक कुलीन घुड़सवार टुकड़ी सबसे प्रमुख थी। यह टुकड़ी, जिसे 'कम्पैनियन कैवलरी' के नाम से भी जाना जाता है, अपनी घातक आक्रमण क्षमता के लिए प्रसिद्ध थी। 'हेटेरोई' भारी पैदल सेना के खिलाफ निर्णायक हमले करने में सक्षम थे और सिकंदर की सैन्य सफलताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। यह सेना न केवल युद्ध में प्रभावी थी, बल्कि सिकंदर के करीबी विश्वासपात्रों और शाही अंगरक्षक के रूप में भी कार्य करती थी। उनकी वीरता और युद्ध कौशल ने उन्हें प्राचीन दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित घुड़सवार सेनाओं में से एक बना दिया। 'हेटेरोई' की रणनीति और प्रशिक्षण ने बाद की पीढ़ियों के सैन्य विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया। सिकंदर के अभियानों में इस सेना का योगदान अद्वितीय था।
