अलेक्जेंडर दुगिन, जिन्हें अक्सर “पुतिन के रासपुतिन” के नाम से जाना जाता है, एक प्रभावशाली रूसी दार्शनिक हैं। उनकी रचनाएँ विश्व स्तर पर चर्चित रही हैं, लेकिन उनका व्यक्तिगत जीवन रहस्यमय बना हुआ है। दुगिन रूस के राष्ट्रपति से अपने संबंधों और गुप्त विद्या में रुचि के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में, उनकी बेटी की एक दुखद घटना में मृत्यु हो गई, जिसने उन्हें गहरा सदमा पहुँचाया है। उनकी विचारधारा रूस के राजनीतिक और वैचारिक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती रही है। दुगिन के अध्ययन और सिद्धांत रूसी राष्ट्रवाद और भू-राजनीति से जुड़े हैं। वे एक जटिल व्यक्ति हैं जिनके विचारों और जीवन की कहानी अनेक पहलुओं से भरी है।