एलेक्स शुलमैन के अनुसार, आजकल त्योहारों और मौसमों का कोई क्रम नहीं रहा है। स्थिति यह है कि आने वाले कुछ वर्षों में हम जुलाई में कद्दू और अगस्त में क्रिसमस ट्री सजा सकते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जहाँ त्योहार और मौसम अपनी पारंपरिक समय-सीमा से हटकर बेतरतीब ढंग से मनाए जाने लगेंगे। शुलमैन का मानना है कि यह बदलाव समाज में एक तरह की अराजकता पैदा कर सकता है। यह भविष्य की एक चिंताजनक तस्वीर प्रस्तुत करता है, जहाँ त्योहारों की मूल भावना खो सकती है। यह लेख त्योहारों के समय और मौसमों के बीच के संबंध पर एक विचारोत्तेजक टिप्पणी है। यह बदलाव उपभोक्ताओं और सांस्कृतिक परंपराओं दोनों को प्रभावित कर सकता है।