अल्बर्टा के स्टेन ड्वोर्कोव्स्की आठ दिनों के कोमा में रहने के बाद जागे, उन्हें 24 पसली टूटी हुई थीं और खोपड़ी में फ्रैक्चर था। वह अपनी उम्र या अपने करीबी दोस्तों के चेहरे भी याद नहीं रख पा रहे थे। अब वह अपनी चोट से पहले के घंटों को जोड़ने की उम्मीद में अपने कदमों का पता लगा रहे हैं। यह एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, क्योंकि उन्हें अपनी याददाश्त वापस पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ड्वोर्कोव्स्की की कहानी साहस और दृढ़ संकल्प का एक उदाहरण है। वह अपनी खोई हुई पहचान को फिर से पाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी यात्रा उन सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक है जो मस्तिष्क की चोट से उबर रहे हैं। वह अल्बर्टा में अपने जीवन के टुकड़ों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।