अल्बर्टा और संघीय सरकार के बीच हालिया कार्बन टैक्स समझौते के बाद, एडमॉन्टन में कचरे से बिजली बनाने वाले 400 मिलियन डॉलर के एक प्रस्तावित संयंत्र के रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। यह परियोजना, जिसे शुरू होने में पाँच वर्ष लगे, कचरे को ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए तैयार थी। अल्बर्टा सरकार द्वारा कार्बन टैक्स में किए गए बदलावों के कारण इस परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता पर सवाल उठ रहे हैं। परियोजना डेवलपर्स ने इस स्थिति को ‘मेडे इन ओटावा’ कहकर सरकार से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। इस संयंत्र के रद्द होने से क्षेत्र में निवेश और नवीकरणीय ऊर्जा के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल, परियोजना का भविष्य सरकार के रुख पर निर्भर करता है। यह संयंत्र कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था।