अल्बानिया में साम्यवाद के पतन के बाद तीन दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन यहाँ एक विरोधाभास देखने को मिल रहा है। यूरोपीय संघ, पश्चिमी सरकारें और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने नागरिक समाज को मजबूत करने और लोकतंत्र को बढ़ावा देने के नाम पर करोड़ों डॉलर खर्च किए हैं। हालांकि, देश के इतिहास के एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षण में, आधिकारिक तौर पर ‘नागरिक समाज’ के नाम से जानी जाने वाली कई संस्थाएं या तो चुप हैं, या अनुपस्थित हैं, या सरकार के करीब हैं। वास्तविक नागरिक समाज अब दानदाताओं द्वारा वित्तपोषित बैठकों में नहीं, बल्कि सड़कों पर सक्रिय है। यह स्थिति दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर लोगों की भागीदारी और विरोध ही वास्तविक बदलाव लाने में सक्षम है। अल्बानिया में नागरिक समाज की यह नई भूमिका देश के राजनीतिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संकेत देती है। यह सवाल उठता है कि क्या बाहरी फंडिंग से निर्मित संस्थाएं वास्तव में नागरिकों के हितों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
