अल्बानिया की राजधानी तिराना में लगातार 23 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। यह प्रदर्शन मूल रूप से एड्रियाटिक तट के संरक्षित क्षेत्र में इवांका ट्रंप और जारेड कुशनर से जुड़े एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विरोध से शुरू हुआ था। अब यह विरोध प्रदर्शन ‘फ्लेमिंगो क्रांति’ के नाम से जाना जा रहा है और इसका दायरा व्यापक हो गया है, जिसमें अब पूरा राजनीतिक वर्ग निशाने पर है। प्रधानमंत्री एदी रामा, जो 2013 से सत्ता में हैं, इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह प्रोजेक्ट पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा। सरकार ने अभी तक प्रदर्शनकारियों की मांगों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। यह विरोध प्रदर्शन अल्बानिया में व्यापक राजनीतिक असंतोष का प्रतीक बन गया है।
