तुर्की द्वारा वांछित कार्यकर्ता जुलिदे याज़ीची को तिराना में हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई तुर्की द्वारा उसके प्रत्यर्पण की मांग के बाद हुई है। याज़ीची को फ़्रांस में राजनीतिक शरण मिली हुई है, फिर भी उसे अल्बानियाई हिरासत में रखा गया है। अल्बानियाई न्यायालय ने प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू कर दी है और याज़ीची अब इस दौरान हिरासत में रहेंगी। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि राजनीतिक शरणार्थियों के अधिकारों पर सवाल उठ रहे हैं। याज़ीची के समर्थकों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे अन्यायपूर्ण बताया है। यह देखना होगा कि अल्बानियाई अदालत इस मामले में क्या फैसला लेती है।

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