अल्बानिया सरकार ने देश में एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शनों को विदेशी समर्थित अस्थिरता के प्रयास का हिस्सा बताया है। सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेताओं ने विशेष रूप से क्रेमलिन पर इन अशांतियों के पीछे होने का आरोप लगाया है। रूस ने इन आरोपों को “पूरी तरह से निराधार” बताकर खारिज कर दिया है और अल्बानियाई अधिकारियों को “जहां दुश्मन नहीं हैं, वहां दुश्मन खोजने” से बचने की सलाह दी है। ये विरोध प्रदर्शन शुरू में साज़ान और ज़्वेर्नेक में विवादास्पद विकास परियोजनाओं के खिलाफ नागरिक विद्रोह के रूप में शुरू हुए थे, लेकिन अब व्यापक हो गए हैं। यह आरोप राजनीतिक कथा में एक नया मोड़ है, जिससे तनाव बढ़ने की संभावना है। अल्बानियाई सरकार का मानना है कि ये प्रदर्शन देश को अस्थिर करने का एक सुनियोजित प्रयास हैं। रूस ने हालांकि इन आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है।

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