एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों में एक चिंताजनक बदलाव देखा गया है। अब लगभग 80% मामलों में अपराधी वे लोग हैं जिन पर परिवार और बच्चे भरोसा करते हैं। इस श्रेणी में शिक्षकों जैसे पेशेवर लोग भी शामिल हैं, जिससे स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुकित अमन के एक अधिकारी ने इस बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यह स्थिति दर्शाती है कि बच्चे अपने ही करीबी लोगों के बीच असुरक्षित हैं। अधिकारियों का मानना है कि भरोसेमंद रिश्तों का फायदा उठाकर बच्चों का शोषण किया जा रहा है। इस मुद्दे पर अब अधिक सतर्कता और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।