अलैन रेने की 1984 की फ़िल्म "प्रेम मृत्यु तक" एक जटिल प्रेम कहानी है जो स्मृति और हानि के विषयों को छूती है। यह फ़िल्म तीन अलग-अलग समयों में घटती है, जिसमें दो प्रेमियों का रिश्ता दिखाया गया है। कहानी फ्रांसीसी लेखक मार्सेल प्रोस्ट और उसकी पत्नी सबीन द्वारा प्रेरित है। रेने की यह फ़िल्म भावनात्मक और कलात्मक रूप से बहुत प्रभावशाली है। यह फ़िल्म बताती है कि प्रेम कैसे समय और मृत्यु से परे है। लीमा ग्रिस पर प्रकाशित इस स्तंभ में इस फ़िल्म का विश्लेषण किया गया है।