बांग्लादेश के अदालत में अख़तरुज़्ज़मान ने न्यायाधीश के प्रति प्रतिकूल टिप्पणी की, जिससे अदालत में एक अजीब स्थिति पैदा हो गई। इस टिप्पणी के बाद न्यायाधीश ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई करने की बात कही। अख़तरुज़्ज़मान की इस हरकत से अदालत के माहौल में तनाव फैल गया था। घटना के बाद, अदालत ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी और आगे की कार्रवाई के लिए एक तिथि निर्धारित की। इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अख़तरुज़्ज़मान को अदालत की अवमानना ​​के आरोप का सामना करना पड़ सकता है। यह घटना बांग्लादेश की न्यायपालिका की स्वतंत्रता और गरिमा पर एक सवालिया निशान खड़ा करती है। मामले की अगली सुनवाई में सभी की निगाहें टिकी हैं।