कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग से बॉन्ड यील्ड में तेज़ी आने की आशंका जताई जा रही है, जो बाज़ारों और आर्थिक विकास के लिए एक नया जोखिम पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI एल्गोरिदम द्वारा संचालित ट्रेडिंग बॉन्ड बाज़ारों में अस्थिरता बढ़ा सकती है। यह वृद्धि निवेशकों को चिंतित कर सकती है और शेयर बाज़ारों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से कंपनियों के लिए उधार लेना महंगा हो जाएगा, जिससे आर्थिक विकास धीमा हो सकता है। इस स्थिति पर बारीकी से नज़र रखने की आवश्यकता है, क्योंकि AI का प्रभाव वित्तीय प्रणाली पर गहरा पड़ सकता है। केंद्रीय बैंकों को भी इस नए परिदृश्य के लिए तैयार रहने की ज़रूरत है ताकि वे बाज़ार में स्थिरता बनाए रख सकें।