हवाई अड्डों पर जमीनी सेवा कर्मचारियों के बीच चल रही मध्यस्थता में सहमति नहीं बन पाई है, जिससे हड़ताल का खतरा बना हुआ है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद, दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया। मध्यस्थ अब ओवरटाइम काम कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह से एक समाधान निकाला जा सके। अगर समझौता नहीं होता है, तो हवाई अड्डों पर सेवाएं बाधित हो सकती हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होगी। वार्ता में कर्मचारियों की मांगों और वेतन वृद्धि मुख्य मुद्दे हैं। स्थिति अभी भी अनिश्चित है और आगे की घोषणाओं का इंतजार है। इस संभावित हड़ताल से हवाई यात्रा पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।