एयर न्यूजीलैंड के सीईओ, निखिल रविशंकर ने बताया है कि निकट भविष्य में पूरी तरह से इलेक्ट्रिक विमान, 787 ड्रीमलाइनर जैसे बड़े विमानों की जगह नहीं ले पाएंगे। बढ़ते ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एयरलाइन कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। साथ ही, कंपनी प्रांतीय शहरों को सेवा प्रदान करने के वैकल्पिक तरीकों की तलाश कर रही है। रविशंकर के अनुसार, ईंधन खर्चों में वृद्धि एयरलाइन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। लागत कम करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए एयरलाइन संरचना में बदलाव किये जा रहे हैं। इन परिवर्तनों का उद्देश्य कंपनी की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना और भविष्य के लिए तैयार करना है। एयर न्यूजीलैंड का लक्ष्य टिकाऊ और किफायती यात्रा समाधान खोजना है।