एयर इंडिया की विमान दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे 260 मृतकों के परिजनों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, दुर्घटना की जांच रिपोर्ट एक वर्ष के भीतर जारी की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। दुर्घटना संभावित रूप से आत्महत्या के कारण हुई थी, इस पहलू पर भी रिपोर्ट में स्पष्टता अपेक्षित है। परिजनों ने रिपोर्ट जारी करने में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है और पारदर्शिता की मांग की है। जांच एजेंसी की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों को सच्चाई जानने का अधिकार है। रिपोर्ट में दुर्घटना के कारणों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों का उल्लेख होना चाहिए।