नागरिक निगरानी समूह ने एयर-ई के परिसमापन को कानूनी रूप से निराधार और गैर-जिम्मेदाराना बताया है। कंपनी पर अभी भी जेनरेटर और ट्रांसमीटरों का 2.5 ट्रिलियन डॉलर का बकाया है। परिसमापन से बाजार में गलत संदेश जाएगा और निवेशकों का विश्वास कम होगा। निगरानी समूह का कहना है कि परिसमापन से पहले बकाया राशि का निपटान किया जाना चाहिए। यह कदम ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता और पारदर्शिता के लिए खतरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिसमापन से बिजली की आपूर्ति में भी बाधा आ सकती है। सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर सकती है।
