चाड में स्थित शरणार्थी शिविरों में डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (एमएसएफ) के कर्मचारियों पर सूडानी शरणार्थियों के साथ यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगे हैं। ये आरोप एक गोपनीय आंतरिक रिपोर्ट में सामने आए हैं, जिसकी समीक्षा एसोसिएटेड प्रेस (एपी) ने की है। रिपोर्ट के अनुसार, एमएसएफ के कार्यकर्ताओं ने अपनी पद की शक्ति का दुरुपयोग करते हुए शरणार्थियों का शोषण किया। यह मामला चाड में स्थित शरणार्थी शिविरों में घटित हुआ, जहाँ एमएसएफ चिकित्सा सहायता प्रदान कर रही थी। संगठन ने आरोपों की गंभीरता को स्वीकार किया है और आंतरिक जांच शुरू कर दी है। एमएसएफ ने कहा कि वह इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस घटना ने मानवीय सहायता कार्यों में जवाबदेही और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगे की जांच जारी है और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
