अफगानिस्तान में सहायता राशि में भारी कटौती की गई है। जर्मनी ने अफगानिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि में 90 प्रतिशत से अधिक की कटौती कर दी है, जबकि अमेरिका ने भी भुगतान बंद कर दिया है। हरित पार्टी के सांसद बोरिस मिजाटोविक ने इन आँकड़ों को सार्वजनिक किया है। इस कटौती से अफगानिस्तान में मानवीय संकट और गहराने की आशंका है। दुनिया अफगानों को भुखमरी की ओर धकेल रही है। इस स्थिति में अफगानिस्तान के लोगों के लिए भोजन और बुनियादी ज़रूरतों की उपलब्धता चिंताजनक है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने और सहायता प्रदान करने का आग्रह किया जा रहा है।