एक कंपनी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को प्रशिक्षित करने के लिए एक कर्मचारी को प्रतिदिन आठ घंटे अश्लील सामग्री देखने का कार्य सौंपा। इस कार्य का उद्देश्य AI को हानिकारक सामग्री की पहचान करने और उसे फ़िल्टर करने में सक्षम बनाना था। कर्मचारी को इस काम के लिए एक परीक्षा उत्तीर्ण करनी पड़ी, जिसमें उसे “अफ़्रीकी बुद्धिमत्ता” जैसे शब्दों का उपयोग करने के लिए कहा गया, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया। कंपनी का तर्क है कि यह AI को विभिन्न प्रकार की सामग्री से अवगत कराने का एक तरीका है। आलोचकों ने इस कार्य को शोषणकारी और अनैतिक बताया है, साथ ही AI प्रशिक्षण में पूर्वाग्रहों के संभावित जोखिमों पर भी चिंता व्यक्त की है। इस पहल ने AI नैतिकता और सामग्री मॉडरेशन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं। कंपनी ने इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया है, लेकिन विवाद अभी भी जारी है।