ब्राजील की एक 32 वर्षीय मनोवैज्ञानिक, रेबेका कार्डोसो टेनेंटे मोलिना, पित्ताशय की पथरी के संदेह में अस्पताल गईं, जहाँ उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का आरोप है कि उनकी मौत का कारण कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रणाली की विफलता है, जो मरीज़ की गंभीर स्थिति का पता लगाने में नाकाम रही। परिवार का कहना है कि रेबेका को सिर्फ़ एक संख्या के तौर पर देखा गया, मानवीय संवेदनशीलता का अभाव था। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और AI प्रणाली के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवा में AI के उपयोग और मरीज़ों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि AI प्रणाली में क्या कमियां थीं और क्या बेहतर देखभाल की जा सकती थी। यह मामला ब्राजील में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में AI के बढ़ते उपयोग पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दे सकता है।