उबर ने इस वर्ष चार महीनों में ही अपना पूरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) बजट खर्च कर दिया है। पहले जहां कंपनियां एआई उपकरणों के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित कर रही थीं, वहीं अब कर्मचारियों से एआई का कम इस्तेमाल करने का आग्रह किया जा रहा है। यह बदलाव ‘टोकनमैक्सिंग’ की प्रवृत्ति के विपरीत है, जिसमें एआई के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया जाता था। कंपनियों का यह कदम एआई के बढ़ते खर्चों को नियंत्रित करने और वित्तीय नुकसान से बचने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के शुरुआती उत्साह के बाद, अब कंपनियां लागत-प्रभावशीलता पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। इस स्थिति से एआई के विकास और उपयोग की गति धीमी हो सकती है। भविष्य में, कंपनियां एआई के उपयोग को अधिक रणनीतिक और नियंत्रित तरीके से अपनाने की संभावना है।