ओपन एआई नामक एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी ने हाल ही में एक “सहस्राब्दी समस्या” का समाधान करने के बाद, एक साथ ३७७ अन्य प्रमेयों के परिणाम जारी किए हैं, जिनमें से कुछ बहुत ही उच्च स्तरीय हैं। इस विकास ने गणितज्ञों को सदमे में डाल दिया है। कंपनी ने बहुत कम समय में इतने अधिक जटिल गणितीय मुद्दों को हल करने की क्षमता का प्रदर्शन किया है। इस अचानक प्रगति ने गणित समुदाय में चिंता और आश्चर्य दोनों पैदा कर दिए हैं। वैज्ञानिक इस बात पर विचार कर रहे हैं कि इस तकनीक का गणित के भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा। बहुत से गणितज्ञ इस अभूतपूर्व घटना को "गणित का सर्वनाश" कह रहे हैं, क्योंकि यह गणितीय अनुसंधान के पारंपरिक तरीकों को चुनौती देता है। इस घटना ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्षमताओं और सीमाओं पर गहन बहस छेड़ दी है।